भागलपुर, मई 10 -- ग्रामीण मजदूरों को हर दिन रोजगार की चिंता सताती है। रोज काम नहीं मिलता है। इस कारण कई बार बड़े शहरों का रुख करते हैं। वहां भी ग्रामीण मजदूरों में से 60 फीसदी को भी नियमित काम नहीं मिल पाता। ऐसे में वे बिना कमाई के ही वापस लौटते हैं। घर-परिवार चलाने में मुश्किल होती है। जमुई बाजार से सटे अमरथ पंचायत के अमरथ गांव के नौ हजार लोगों की आजीविका का मुख्य साधन दैनिक मजदूरी व खेती ही है। काम मिला तो अच्छा, नहीं मिला चूल्हे-चौके पर भी आफत। यही उनकी जिंदगी की सच्चाई है। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान जिले के दैनिक कामगारों ने अपनी परेशानी बताई। 60 फीसदी दैनिक कामगारों को भी नहीं मिलता नियमित काम 09 हजार लोगों के जीवन-यापन का मुख्य साधन है दैनिक मजदूरी 15 से 20 दिन ही काम मिल पाता है महीने में, नहीं पूरा होता खर्च अमरथ पंचायत की आ...
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