भागलपुर, मार्च 3 -- जमुई जिले में मछली पालन और व्यवसाय से जुड़े लोगों की संख्या 50 हजार से अधिक है। जिलेभर में करीब 5000 से अधिक मछली विक्रेता है जिनमें से अधिकतर सड़क किनारे और अस्थाई बाजार में खुले में मछली बेचने को मजबूर है। सैकड़ों मछुआरे ग्रामीण इलाके से रोज मछली बेचने शहर आते हैं। मछुआरों की पीड़ा है कि खुले में मछली का कारोबार होने से यह जल्दी खराब हो जाती है। उन्हें भारी नुकसान होता है। जिले में तालाबों की कमी और आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल की मछली की आवक अधिक होने से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुविधा युक्त बाजार मिले तो लोगों को घरेलू मछली ही प्रचुर मात्रा में मिल सकेगी। इससे रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। जिले भर में मछुआरों के लिए तालाब और मत्स्य से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है। 50 हजार से अधिक है...
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