भागलपुर, फरवरी 22 -- - प्रस्तुति : सुमन सौरव सुबे में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध कराने की बातें लगातार कही जा रही हैं। सरकारी मंचों से लेकर विभागीय बैठकों तक शिक्षा में सुधार के दावे किए जाते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी कई विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मौरा पंचायत के मौरा गैरमजरूआ महादलित टोला, वार्ड संख्या नौ स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति इन दावों की हकीकत उजागर करती है। यहां पढ़ने आने वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पानी, शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। करीब एक हजार की आबादी वाले इस महादलित बस्ती के बच्चों के लिए यह विद्यालय ही शिक्षा का एकमात्र आधार है। विद्यालय में कुल...