भागलपुर, जनवरी 22 -- -प्रस्तुति : संजीव कुमार सिंह झाझा बस स्टैंड आज किसी कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है। 83 लाख रुपये की ऊंची बोली पर संचालित यह बस स्टैंड आज अपनी बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर आंसू बहा रहा है। राजस्व के लिहाज से यह बस स्टैंड प्रशासन और संवेदक के लिए लाभ का बड़ा स्रोत है, लेकिन जमीनी हकीकत यात्रियों के लिए बेहद कष्टदायक बनी हुई है। बस स्टैंड में प्रवेश करते ही साफ-सफाई का घोर अभाव नजर आता है। चारों ओर गंदगी, बदबू और अव्यवस्था फैली रहती है, जिससे यात्रियों को पहला अनुभव ही नकारात्मक मिलता है।बस स्टैंड परिसर में बसों के ठहराव के लिए समुचित स्थान नहीं है। अधिकांश बसें सड़क किनारे ही खड़ी की जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार कई बार सामने से आ रही बस...
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