भागलपुर, जनवरी 11 -- प्रस्तुति- अविनाश कुमार वर्तमान समय में जमुई जिला श्वेत क्रांति का अग्रदूत बन गया है। अधिकांश प्रखंडों में दुग्ध उत्पादन एक व्यवसाय बन गया है। जिससे पशुपालन से जुड़े अधिकांश किसानों की अर्थव्यवस्था निर्भर है। कृषि के साथ पशुपालन कर दूध का बिक्री करना ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी परंपरा रही है। इसके बाबजूद जमुई जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह से पशुओं के आहार जैसे चारा, खल्ली, चोकर, दवाई का दाम बढ़ा है, उस तरह दूध की कीमत नही बढ़ाई गई। किसानों ने बताया कि जिस हिसाब से पशुओं को चारा पानी देने में लागत लगता है, उसके अनुकूल मुनाफा नही मिल पा रहा है। इन चुनौतियों को पहचाना और सरकारी स्तर पर इसके समाधान करना समय की आवश्यकता है। लेकिन अभी तक इसके समाधान का प्रयास नही किया गया। इस ...
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