भागलपुर, अगस्त 24 -- जमुई में गीत, संगीत व नृत्य क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को तराशने की दरकार है। साधन-संसाधनों से लैस कर कला साधकों की प्रतिभा को उड़ान देकर जमुई के पुराने गौरव को लौटाने की जरूरत है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को कहना है कि सरकारी स्तर पर प्रयास से इन कलाओं को फिर से नया आयाम मिल सकता है। वहीं, नयी प्रतिभाओं को मंच देकर उन्हें रोजगार भी मुहैया कराया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार व प्रशासन से उनकी मुश्किलें सुलझाने की दिशा में पहल की अपील की। 5 से अधिक निजी संस्थान सिखाते हैं गीत संगीत 1 हजार से अधिक युवा ले रहे हैं नृत्य का प्रशिक्षण 01 सरकारी कला मंच की जिले में है दरकार प्रस्तुति : संतोष कुमार सिंह नृत्य-संगीत जमुई की संस्कृति में समाहित रही है। कुछ कलाकार देशभर में जमुई का नाम भी रोशन कर चुके हैं। फिर भी स्थानीय नृत्...
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