भागलपुर, जून 23 -- प्रस्तुति : अरुण बोहरा नदी किसी के लिए लाइफ लाइन होती है, लेकिन कभी कभी यह किसी इलाके लिए अभिषाप भी बन जाती है। मॉनसून दस्तक दे चुका है और बीते छह दिनों से रूक-रूक कर होती बारिश से उलाय नदी में कमर के ऊपर पानी आ जाने से लोगों की मुश्किलें शुरू हो चुकी हैं। बरिश में नदी के उफान को पार करना मुश्किल हो जाता है। नतीजा बच्चों की पढ़ाई व मजदूरों की कमाई पर ग्रहण लग जाता है। मोटे तौर बरसात के चार महीने उनके लिए इसी बेबसी व लाचारी में गुजरते हैं। झाझा प्रखंड के बलियो स्थित उलाय नदी पर पुल नहीं होने की पीड़ा बलियोवासियों को गुजरे कई दशकों से सालती रही है। यह बातें हिन्दुस्तान के बोले जमुई संवाद के दौरान उभर कर सामने आईं। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि जिम्मेदारों ने आश्वासन तो दिया, लेकिन अबतक पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसके का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.