जमशेदपुर, मार्च 8 -- पूरे देश में राष्ट्रीय महिला दिवस की तैयारी जोरों पर है। कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन हो रहा है, लेकिन इन महिलाओं का एक तबका ऐसा भी है, जो हर तरह से लाचार और मजबूर है। इन महिलाओं को समाज भी सकारात्मक नजरों से नहीं देखता तो परिवार में भी इनकी स्थिति कैसी होगी, समझा जा सकता है। बात हो रही है एकल यानी सिंगल महिलाओं की। सुविधा के अभाव में ये महिलाएं संकुचित जीवन जीने को विवश हैं। हिन्दुस्तान ने इन महिलाओं से बात की तो उनकी कई समस्याएं निकलकर सामने आईं। समाज में एकल महिलाओं की स्थिति काफी चिंताजनक है। ये वैसी महिलाएं हैं, जो या तो परित्यक्ता हैं, तलाकशुदा हैं, विधवा हैं या फिर अविवाहित हैं। अविवाहित में वैसी महिलाएं हैं, जिनकी समय पर शादी नहीं हो सकी और अब उनकी उम्र ज्यादा हो गई है। इनमें से ज्यादातर को समाज और परिवार...
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