जमशेदपुर, अप्रैल 24 -- शहर में समय के साथ लाइब्रेरी की संख्या कम हो गई है। मोबाइल के आगमन के बाद पढ़ने वाले भी कम हो गए हैं। पहले लाइब्रेरी में जाकर पढ़ने वालों की संख्या काफी अधिक होती थी। इनमें न्यमित तौर पर पाठक होते थे। अब तो लाइब्रेरी ऐसे लोग ही जाते हैं, जिनको पाठ्य-पुस्तक की जरूरत है। यानी विद्यार्थी। जमशेदपुर में लाइब्रेरी की संख्या धीरे-धीरे घटती चली गई। वर्तमान में दो लाइब्रेरी ही चल रही है, लेकिन वहां भी बड़े-बुजुर्गों की संख्या कम ही है। यहां बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। बाराद्वारी स्थित सोबरन माझी जिला पुस्तकालय और बिष्टूपुर स्थित मुस्लिम लाइब्रेरी में बच्चों की भीड़ जुटती है। यहां रोज 50 से 60 बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। हिन्दुस्तान ने शहर की विभिन्न लाइब्रेरी का जायजा लिया तो कई समस्याएं दिखीं। शहर में हर साल पुस्तक मेला लगता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.