गोंडा, अक्टूबर 14 -- जिले के शहरी इलाकों में ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं के करने लायक बहुत सारे कुटीर उद्योग हैं। गांवों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से सरकारें कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे रही हैं। गोण्डा। जिले में कई महिलाओं का समूह एक साथ आकर लोकल फॉर वोकल उत्पाद को तैयार कर एक तरफ जहां अपनी जीविका चलाने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी ओर इससे मिलावटी चीजों में कमी आ रही है । जिले के पंडरी कृपाल क्षेत्र के सुभागपुर में मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की रेनू मिश्रा ने अपनी मेहनत और हुनर से एक अलग पहचान बनाई है। रेनू ने 2021 में अपने परिवार के भरण पोषण के लिए समूह से जुड़कर अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया। वह बताती हैं कि इसको शुरू करने में चुनौती कम थी लेकिन अब इसको आगे बढ़ाने में जिला प्रशासन और सरक...
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