गोंडा, नवम्बर 22 -- जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। आम लोगों को अब सड़कों पर चलने से डर लगता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 21 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाने के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। हर माह औसतन 30 से अधिक लोगों की मौत हो रही है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। गोण्डा। जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी उदासीन दिख रहे हैं। हालात यह है कि औसतन हर दिन कहीं न कहीं सड़क दुर्घटना की सूचना मिल रही है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो रोजाना किसी न किसी की हादसे में जान जा रही है। बावजूद इसके सड़क सुरक्षा को लेकर न तो व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर कोई सुधार कार्य दिख रहा है। जनवरी से सितम्बर 2024 की अवधि की तुल...
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