गोंडा, दिसम्बर 31 -- गोण्डा। जिले में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में शासन-प्रशासन लगातार काम कर रहा है। लेकिन अभी बहुत-कुछ किया जाना बाकी है। कुटीर उद्योग से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उन्हें अपना काम धंधा बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के एक करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाए। इससे महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में बढ़ने में काफी मदद मिलेगी। जिले के विभिन्न विकास खंडों की स्वयं सहायता समूहों और कुटीर उद्योग से जुड़ी महिलाओं को बैंक एवं सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता मुहैया कराई जाती है। इससे महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, मसाला निर्माण, अगरबत्ती, मोमबत्ती, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण जैसे छोटे उद्योगों को शुरू कर सकती हैं। लेकिन उन्हें अपने उद्यम का विस्तार करने के लिए और मदद की दरकार है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक महिलाओं को ऋण के साथ-साथ प...