गोंडा, मई 27 -- यातायात की सुगमता के लिए सड़कों के किनारे फुटपाथ जरूरी है। शासन और प्रशासन की ओर से फुटपाथ बचाने को समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं और जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी होते हैं। लेकिन शहरों से लेकर कस्बों तक फुटपाथ संकट में हैं। शहरों व कस्बों से गुजरने पर सबसे अधिक संकट उसके फुटपाथ को लेकर है। यहां तक कि पैदल चलने वालों की बड़ी परेशानी होती है और फुटपाथ खाली न होने से लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं। हिन्दुस्तान ने बोले गोण्डा मुहिम के तहत इस मुद्दे पर लोगों से बातचीत की। शहर के लोगों ने फुटपाथ पर संकट को दूर करने की मांग उठाई। उन्होंने इसके लिए जागरूकता पर जोर दिया। गोण्डा। शहर में फुटपाथों का अस्तित्व अतिक्रमण के चलते खतरे में नजर आ रहा है। कोई भी फुटपाथ ऐसा नहीं है, जिसका प्रयोग पैदल राहगीर कर पा रहे हो। इतना ही नहीं सड़कें भी अत...
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