गोंडा, मई 26 -- प्लास्टिक कचरे से नुकसान को लेकर केन्द्र और सूबे की सरकारें गंभीर हैं। यहां तक कि सुप्रीम अदालत से भी प्लास्टिक पर प्रतिबंघ लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी हैं लेकिन शहरों से लेकर गांवों तक इसकी न तो बिक्री थम रही है और न उपयोग। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि चोरी-चुपके से इसकी बिक्री और उपयोग किया जा रहा है, जानकारी मिलते ही छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है। वहीं हिन्दुस्तान ने बोले गोण्डा मुहिम के तहत इस मुद्दे पर लोगों से बातचीत की। गोण्डा। प्लास्टिक कचरा आम जिंदगी में शुमार हो जाने से लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। रोजमर्रा की चीजों से लेकर खाने-पीने व दवाइयों तक में प्लास्टिक चीजों का जमकर उपयोग और उपभोग किया जा रहा है। जो सस्ता, सुगम व उपयोगी बनने से प्लास्टिक आज खतरे का कारण बन चुका है। इधर-उधर फेंका गया प...
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