गोंडा, सितम्बर 12 -- मंडल मुख्यालय पर स्थित बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में पर्चा कटवाने से लेकर दवा लेने तक में मरीजों को लाइन लगानी पड़ती है। सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है। पर्चा काउंटर से लेकर दवा लेने तक मरीजों को लाइन में लगना मजबूरी बना हुआ है। कभी-कभी तो मरीजों के बीच लाइन लगाने को लेकर झगड़ा भी हो जाता है। यही हाल डाक्टरों के ओपीडी का भी है। गोण्डा। मंडल मुख्यालय पर स्थित बाबू ईश्वर शरण अस्पताल मंडल का लाइफ लाइन माना जाता है। इस अस्पताल में मंडल के चारों जनपदों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल तक के मरीज इलाज कराने आते हैं। यह बात दीगर है कि जब से यह अस्पताल स्वशासी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध हुआ है तब से मरीजों के लिए कुछ सुविधाएं जरुर बढ़ीं हैं लेकिन फिर भी इलाज का स्तर मेडिकल कॉलेज का नहीं हो पाया है। इसके बावजूद भी मरीजों ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.