गोंडा, जुलाई 8 -- जिले में किसानों को फसल के लिए पानी की आवश्यकता है। नलकूप ऑपरेटरों की कमी और वर्कलोड के चलते कर्मचारी मानसिक और शारीरिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सरकार से मांग की जा रही है कि नलकूप चालकों के रिक्त जगहों को भरा जाए। हिन्दुस्तान के बोले गोंडा अभियान में नलकूप चालकों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मौजूदा समय में एक नलकूप चालक के पास एक दर्जन नलकूप संचालन का जिम्मा है, एक से दूसरे की दूरी कई किलोमीटर है। जिसका कोई अतिरिक्त भत्ता भी नहीं मिलता है। नलकूप चालकों ने बताया कि जिले में तीन खंड अंतर्गत 639 नलकूप हैं। जिनके संचालन के लिए सौ के करीब नलकूप ऑपरेटर काम कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि हम दिन-रात काम कर रहे हैं। उसके बाद भी इतना भार है कि सभी नलकूपों पर एक दिन में नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने अपनी समस्याएं गिनाते हुए कहा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.