गोंडा, जनवरी 10 -- जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब आम आदमी के लिए मुसीबत बन गई है। कुत्तों के साथ ही शहर से लेकर गांव तक बंदरों का आतंक व्याप्त है। हिंदुस्तान बोले गोण्डा मुहिम में ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गली में घूमने वाले कुत्ते भी अब एक बड़ी समस्या बन गए हैं। यह कुत्ते खूंखार बनते जा रहे हैं, जिसके कारण जिले में प्रतिमाह पांच हजार लोग शिकार हो रहे हैं। सीएचसी - पीएचसी के साथ ही मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन सैकड़ों लोग एंटी रैबीज बैक्सीन (एआरबी) लगवाने के लिए लाइन में लगे रहते हैं। गोण्डा। जिले की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों से लेकर गावों की गलियों तक में गली के कुत्ते और बंदर का आतंक व्याप्त है। सड़कों पर जगह-जगह ऐसे कुत्तों और बंदरों का झुंड देखने को मिलता है। सड...
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