गोंडा, दिसम्बर 23 -- सड़कें न सिर्फ दूरियां मिटाती हैं बल्कि रोजमर्रा के कामकाज में बड़े काम की साबित होती है। इसी वजह से किसी भी क्षेत्र में सड़कें लाइफ लाइन मानी जाती है। शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण। सड़कों का जाल बिछाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मा सौंपा गया है। विभागों के फेर में फंसी अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। लोगों के शिकायत करने पर विभाग एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप मढ़ते रहते हैं और एक-दूसरे पर सड़कें खराब होने का ठीकरा फोड़ दिया जाता है। गोण्डा। शहर की सड़कें इन दिनों विकास नहीं, बल्कि बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। बड़े-बड़े गड्ढों से छलनी सड़कें राहगीरों, खासकर दोपहिया वाहन सवारों के लिए जानलेवा बन चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि कहीं बारिश का पानी गड्ढों में तालाब बनकर खड़ा है तो कहीं उखड़ी गिट्टियां और उभरी पिच दुर्घट...
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