गाजीपुर, मार्च 10 -- शहर में जैसे ही 'तुलसी सागर वार्ड तीन का जिक्र लोगों के जेहन में आता है तो चेहरे पर उदासी छा जाती है। यहां के लोग आज भी डेढ़ दशक पीछे का जीवन जी रहे हैं। न तो सड़कें बन पाई हैं और न ही इंटरलाकिंग। वार्ड में बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। बांस के सहारे तार खिंचे हैं। सीवर तो बना लेकिन आज तक खुला नहीं। अपनी व्यवस्था से नालियां बनाकर जलनिकासी कर रहे हैं। शहर की मुख्य सड़क छोड़ते ही जैसे वार्ड में प्रवेश करते तो यहां पर टूटी इंटरलाकिंग के साथ पगडंडी जैसे रास्ते मिलते हैं, जैसे लगता है कि गांव में आ गए हैं। शहर में वार्ड तीन की तुलसी सागर की उपेक्षा पर नागरिकों ने 'हिन्दुस्तान से वार्ता में अपनी समस्या खुलकर रखी। दिनेश गुप्ता ने बताया कि यहां पर विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। हम किस वार्ड में रहते हैं, यह...
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