गाजीपुर, मई 8 -- गाजीपुर, संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'ताइक्वांडो की पहचान है। इसे ओलंपिक में भी शामिल किया गया है, लेकिन जनपद में इस खेल के प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। नए स्टेडियम में स्थान मिलने की आस लगाए खिलाड़ियों को झटका लगा है। वहां अभ्यास के लिए व्यवस्था नहीं की गई है। सभी बोर्ड के स्कूलों में इसे शामिल गया है, लेकिन अलग से इसके प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं है। खुद से इंतजाम करते हैं। किट महंगी है और आर्थिक कमजोरी भी आड़े आ रही है। इससे खिलाड़ियों में मायूसी है। इक्वांडो खिलाड़ी जनपद में प्रशिक्षण की व्यवस्था न होने से काफी निराश हैं। खुद के संसाधनों से वे इस खेल के लिए स्वयं को तैयार करते हैं। कुशल प्रशिक्षक की कमी उन्हें अखरती है। इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभाग भी उदासीन बना है। रौजा में जुटे ताइक्वांडो खिला...
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