गया, फरवरी 20 -- गया में खत्री समाज सामाजिक वजूद को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। अल्पसंख्यक यह समाज व्यापार से ही अपनी आजीविका चल रहे हैं। खत्री समाज की आबादी कम होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक पहचान नहीं मिल पा रहा है। पहचान न होने के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। उपेक्षित समाज राजनीति में अपनी भागीदारी को ढूंढ़ रहा है। पहचान ना होना, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाना इस समाज का सबसे बड़ा दर्द है। सरकार से मांग है कि खत्री समाज को आरक्षण जैसी सुविधा मिले। खत्री समाज इन दिनों अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। फिलवक्त अपनी वजूद को लेकर खत्री समाज संकट के दौर से गुजर रहा है। गया शहर में करीब 60 घर खत्री समाज के हैं। समाज में जनसंख्या के आधार पर इनकी भागीदारी नगण्य है। राजनीति में स्थाई नेता न होने के कारण यह समाज मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस कर रहा ...
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