कोटद्वार, मई 4 -- कोटद्वार में निगम प्रशासन जनता को मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करा पाने में असफल साबित होता दिखाई दे रहा है। अन्य इलाकों की तरह गाड़ीघाट वार्ड भी इसका उदाहरण है जहां अब तक सीवर लाइन नहीं बिछ पाई है। साथ ही चोक नालियों ने लोगों को परेशान किया हुआ है। नियमित सफाई के प्रति बरती जा रही लापरवाही के कारण नालियों में जमा गंदगी और जल निकासी नहीं होने से आ रही बदबू की वजह से सड़कों से गुजरना भी लोगों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। प्रस्तुत आशीष बलोधी की रिपोर्ट... उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे कोटद्वार में 1951 में नगरपालिका की स्थापना से लेकर 2018 में 73 गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में मिलाने के बाद उच्चीकृत कर नगर निगम बनने तक के सफर में मूलभूत व आवश्यक सुविधाओं के लिहाज से अपेक्षित विकास नहीं होने से जनता परेशान है। लगभग 67 वर्षों...
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