किशनगंज, जनवरी 10 -- किशनगंज। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही कमी अब केवल जल संकट तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव पर्यावरण, जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिले की प्रमुख नदियों और जल स्रोतों में पानी घटने से जहां जलीय जीव-जंतुओं का अस्तित्व संकट में है, वहीं बदलते पर्यावरणीय हालात आम जनजीवन के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। पर्यावरणीय असंतुलन और मानसून के अनियमित व्यवहार का सीधा असर पड़ा है। शहर में बहने वाली रमजान नदी का हाल भी कुछ इसी तरह है। रमजान नदी के अस्तित्व को कैसे बचाया जाये इस मुद्दे पर शुक्रवार को हिंदुस्तान अखबार द्वारा संवाद किया गया। जिसमें लोगों से उनकी राय ली गई। हिन्दुस्तान संवाद किशनगंज शहर के धोबीपुल के समीप घाट पर किया गया। जिसमें स्थानीय लोगों के अलावे बुद्धिजीवी, किसान, व्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.