आगरा, जुलाई 30 -- रामचरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि को लेकर लंबे समय से सोरों जी और राजापुर में अक्सर बहस छिड़ी रहती है, दोनों स्थान के लोगों पर प्रमाणों के आधार पर अपने अपने दावे और तर्क हैं। ऐसे में तीर्थ नगरी वासियों का मानना है कि मानसकार गोस्वामी तुलसीदास के घर आंगन और उनसे जुड़े प्राचीन स्थलों का विकास हो जिससे न केवल पर्यटकों का आगमन होगा बल्कि संत तुलसीदास के जीवन दर्शन और उनकी लिखे रामचरित मानस को लेकर शोध, अध्ययन करने वालों का भी यहां आगमन बढ़े। इससे यहां की पहचान और बढ़ेगी। यहां अधिक से अधिक श्रद्धालु व पर्यटक आएंगे तो यहां कुछ समय रुकेंगे, ठहरेंगे, घूमेंगे और भी धार्मिक व ऐतिहासिक धरोहरों को जानने व समझने का उन्हें मौका मिलेगा जिससे यहां का आर्थिक विकास भी होगा। लोगों में और भी समृद्धि बढ़ेगी। स्वामी तुलसीदास के ...
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