आगरा, अगस्त 7 -- जुलाई और अगस्त का महीना आते ही जनपद कासगंज की गंगा किनारे बसी तटवर्ती आबादी मुश्किलों का सामना कर रही है। हर साल की तरह इस बार भी गंगा अपने रौद्र रूप में गांवों को घेर चुकी है। लगभग 75 किमी लंबी गंगा सीमा हर वर्ष बारिश में टूट जाती है। इस बार दक्षिणी किनारे से गंगा का पानी करीब तीन किलोमीटर तक आबादी वाले इलाकों व खेतों में अंदर घुस चुका है, जिससे जनजीवन, कृषि, शिक्षा और कारोबार सब अस्त-व्यस्त हो गया है, साल दर साल गंगा का पानी बाढ़ के रूप में ग्रामीणों को आर्थिक रूप से काफी पीछे धकेल जाता है, न तो वे अपने खेतों पर जा पाते हैं और ना ही खेती को ही ठीक से संभाल पाते हैं, इस बार भी ऐसी ही मुसीबतें उनके सामने हैं, यहां तक कि, इन दिनों में पड़ने वाले तीज त्योहार भी हर साल की तरह बे मन से मनाते हैं। आपके अपने लोकप्रिय हिन्दुस्तान ...
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