आगरा, दिसम्बर 2 -- जनपद में किसान गन्ना की खेती से लगातार विमुख रहे हैं। गन्ना का रकबा भी आठ हजार हैक्टेयर से घटकर अब छह हजार 300 सौ हैक्टेयर रह गया है। सुगर मिल के द्वारा भुगतान में देरी के कारण किसान गन्ना की खेती से बच रहे हैं। किसान अब गन्ना की जगह आलू, गेहूं व सरसों अन्य फसलों को मुनाफा की खेती मान रहे हैं। गन्ना का बाजार में भाव नहीं मिलने से अब यह घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कटरी के किसानों ने गन्ना की खेती से होने वाले नुकसान को अपने लोक प्रिय समाचार पत्र से साझा किया है। गंगा किनारे कटरी में सोरों से लेकर फर्रूखाबाद बोर्डर तक के 74 किलोमीटर के क्षेत्र में गन्ना की खेती सबसे प्रमुख फसलों में से एक थी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान गन्ना की खेती को अन्य फसलों पर तरजीह देते थे। किसानों ने कहा कि शुुगर मिल के द्वारा गन्ना के भुगतान म...
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