वाराणसी, जनवरी 20 -- वाराणसी। काशी में एक ओर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, वहीं तरना का चिथरियापुर मोहल्ला बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। कच्ची सड़कें और गलियां आवागमन के दौरान रोज दर्द देती हैं। गलियों में जलजमाव भी रहता है। बूंद-बूंद पानी के लिए असुरक्षित कुएं पर जिंदगी निर्भर है। सीवर के अभाव में बजबजाती नालियां बीमारियों को दावत दे रही हैं। छुट्टा पशुओं के कारण लोग खेती से तौबा कर रहे हैं। इस नवशहरी इलाके के बाशिंदों को सवाल है कि आखिर उनकी अनदेखी कब खत्म होगी? --------- तरना वार्ड के चिथरियापुर की गलियों में कदम रखते ही आधुनिकता का शोर सन्नाटे में बदल जाता है। बाशिंदों का कहना है कि यह मोहल्ला निजी सोख्ता, असुरक्षित कुआं और बांस के 'जुगाड़ तंत्र' के भरोसे सांस ले रहा है। गलियों में जलजमाव परेशान करता है। कचरा प्रबंधन मुख्य स...
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