वाराणसी, अगस्त 3 -- वाराणसी। देश और विदेशों में लोकप्रिय रस्सीकूद (जंप रोप) के खिलाड़ी अपनी पहचान बनाने के लिए प्रयासरत हैं। वे अभ्यास में अपनी पूरी ऊर्जा लगाते हैं ताकि कॅरियर संवरे, बेहतर मुकाम मिले। देश-प्रदेश में कीर्तिमान स्थापित करें लेकिन बात जब सुविधाओं की आती है तो वे सोचते हैं कि अन्य खेलों की तरह उन्हें भी प्रायोजक और मदद क्यों नहीं मिलती? किसी स्तर पर खास मदद नहीं मिलने से कई उदीयमान प्रतिभाएं हतोत्साहित भी हो रही हैं। कई तरह की दुश्वारियों से जूझते खिलाड़ियों को किसी 'तारणहार का इंतजार है। भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर अटेसुवा (मुर्दहा) स्थित जेपी महिला महाविद्यालय में जंप रोप के खिलाड़ियों ने'हिन्दुस्तान से अपनी दुश्वारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि इस खेल में न तो बड़े मैदान की जरूरत है और न ही बड़े संसाधनों की। आउटडोर और इनडोर खेले...
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