वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी। उम्र भर की पूंजी लगाकर जहां लोगों ने सुखद भविष्य के सपने बुने थे, आज वह क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए 'सिसक' रहा है। कच्ची सड़कों पर कीचड़, जलजमाव है। सीवर की दुर्गंध और अंधेरे से घिरी रहने वाली गलियां प्रशासन से अपनी 'पहचान' पूछ रही हैं। नशेड़ियों के डर से बरम बाबा मंदिर पर जाने में श्रद्धालु हिचकते हैं। नगर निगम की फाइलों में 'शहरी' सारनाथ इन्क्लेव पेयजल और सुरक्षित माहौल के लिए जद्दोजहद कर रहा है। नगर निगम का हिस्सा होने के बाद भी सारनाथ वार्ड के 'सारनाथ एन्क्लेव' के लगभग पांच हजार बाशिंदे सांसत में जी रहे हैं। उन्होंने 'हिन्दुस्तान' के साथ बातचीत में अपनी पीड़ा बयां की। कहा कि लोग खंभों के लिए हजारों की रसीद कटवाने के बाद भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार ले जाने को मजबूर हैं। सीवर लाइन के अभाव में सो...
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