वाराणसी, अक्टूबर 30 -- वाराणसी। नगर निगम के पिछले परिसीमन के बाद 10 नए वार्ड बने। पुरानी सीमा के चौतरफा बसे गांवों को नवशहरी का दर्जा मिला। इनमें कुछ वार्डों में नगरीय सुविधाओं का ढांचा खड़ा करने की कवायद शुरू हो गई है जबकि कुछ वार्ड के बाशिंदे तीन साल बाद भी नगरीय विकास का इंतजार कर रहे हैं। उनमें रुस्तमपुर के भी नागरिक हैं। उनका गौरतलब दर्द-हम नव शहरी का सिर्फ मुलम्मा ओढ़े हैं, सीवर-सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी समस्या के नाम पर तीन साल से जिम्मेदारों और जनप्रतिनिधियों से चकमा ही खा रहे हैं। 'रुस्तम' एक फारसी शब्द है, जिसका संबंध प्राचीन ईरानी पौराणिक नायक से है। यह नाम ताकत और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत के दौरान 'रुस्तम' के अर्थ का उल्लेख होने पर नागरिक भड़क गए। शीतला प्रसाद पांडेय, रामदुलार यादव बोल पड़े-'काहे...
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