नई दिल्ली, अगस्त 20 -- वाराणसी। स्वामी भक्ति, साहस और होशियारी के लिए जिसकी मिसाल दी जाती रही हो, वह श्वान (कुत्ता) आखिर इंसानों की जिंदगी के लिए खतरा कैसे बन गया? उनकी बेलगाम संख्या और आक्रामकता महादेव की काशी में भी चिंता का सबब बन चली है। डॉग बाइट या कुत्तों के काटने की घटनाएं रोज हो रही हैं। कोई सड़क, गली या मोहल्ला सुरक्षित नहीं है स्ट्रीट डॉग या आवारा कुत्तों से...। इनके आतंक से निजात के लिए नगर निगम, डॉग लवर्स और पशु प्रेमियों को प्रभावी समाधान खोजना होगा। तभी सड़कें, गलियां निरापद हो पाएंगी। दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा है। उनकी रोकथाम के लिए सुप्रीम दिशानिर्देश अभी आने हैं मगर उनकी आक्रामकता गंभीर चिंता और चर्चा बन चुकी है। बनारस शहर हो या ग्रामीण कस्बे और बाजार, आवारा ...
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