वाराणसी, फरवरी 12 -- वाराणसी। वाराणसी नगर निगम के पुराने क्षेत्रों में भी 'विकास कई जगह अटपटे ढंग से गुजरा है। किसी मोहल्ले-कॉलोनी की एक सड़क और उसके अगल-बगल की रिहाइश खुश तो मान लिया गया सभी खुश। जबकि उसी कॉलोनी में लोगबाग संबंधित विभागों को कोस रहे होते हैं। वरुणापार अकथा वार्ड की शिवनगर कॉलोनी का भी यही हाल है। यहां की दो-तिहाई आबादी अपनी गली में पत्थर के उबड़-खाबड़ चौकों और बिजली के तारों से रोज झटके खा रही है। हर दिन बीतने के बाद लोगबाग अगली सुबह एक दूसरे की खैरियत पूछते हैं। नगर निगम के पिछले परिसीमन के बाद अकथा वार्ड की सीमा पंचक्रोशी रोड तक बढ़ गई है। पांडेयपुर-पैगबंरपुर रोड पर लक्ष्मीमंदिर के आगे 35 साल पहले बसी है शिवनगर कॉलोनी। पुराना नाम टंड़िया चकबीही है। 1990 में बनी कॉलोनी में लगभग तीन सौ मकान हैं जिनमें लगभग ढाई हजार की आब...
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