वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी। रामनगर भी समस्याओं के अंतहीन फांस में जकड़ा हुआ है। नगर निगम की सीमा में शामिल होने के बाद यहां के निवासियों और दुकानदारों को लगा कि अब समस्याएं खत्म हो जाएंगी, रामनगर का वैभव नए रूप में पल्लवित होगा लेकिन हुआ कुछ नहीं। चौक-किला मार्ग पर दुश्वारियां सभी के कदमों को झटके देती हैं। अक्सर लगने वाला जाम कदम रोक देता है। वेंडिंग जोन की सुविधा नहीं मिलने के कारण पटरियां ही ठेले-खोमचे वालों के जीने का आधार बनी हैं, सफाई न होने से गंदगी भी पसरी रहती है। -------- काशी आने वाले पर्यटकों का समूह रामनगर किला भी देखने पहुंचता है, लेकिन उनकी उत्सुकता और रोमांच तब गुम हो जाता है जब उन्हें शौचालय की जरूरत पड़ती है। पर्यटक अक्सर ही दुकानदारों से पूछते और मायूस हो जाते हैं, क्योंकि यहां न तो सामुदायिक शौचालय है और न ही पेयजल की...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.