वाराणसी, जुलाई 31 -- वाराणसी। गंगा के एक किनारे ऐतिहासिक किला और नव विकसित घाट, दूसरे किनारे पर काशी के लाल पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का पैतृक आवास-ये सभी रामनगर को विशिष्ट बनाते हैं। शास्त्रीजी के आवास से सटा मलहिया टोला है। इस टोला से लेकर गंगा किनारे तक गंदगी-दुर्गंध और उपेक्षा के काले बादल छाये हुए हैं। उन्हीं के बीच से पर्यटक गुजरते हैं। रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास से सामने घाट पुल पर चढ़ान शुरू होती है। पुल के दाहिनी तरफ कूड़ा डंपिंग स्थान बन गया है। इधर से गुजरना लोगों की मजबूरी है। पुल के ऊपर से ही कचरे का ढेर दिखता है। लोगबाग चौंकते हैं कि जहां सफाई होनी चाहिए, वहां गंदगी डेरा जमाए हुए है। 'हिन्दुस्तान से बातचीत के दौरान संतोष शर्मा, पार्वती, मुरारी निषाद ने कहा कि घाट पर बने मंद...
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