नई दिल्ली, अगस्त 23 -- वाराणसी। बीच शहर बड़ी आबादी पीने के शुद्ध पानी के इंतजाम में रोजमर्रा की कमाई का बड़ा हिस्सा लगा रही है। एक सबमर्सिबल से 20 परिवार रोज पानी खरीद रहे हैं। ऐसे करीब पांच सौ परिवार हैं। वरुणा किनारे बसे पुलकोहना क्षेत्र के बाशिंदों की यही एक परेशानी नहीं है। पहले से जमा कूड़ा-कचरा की मात्रा में वरुणा के पलट प्रवाह ने इजाफा कर दिया है। गंदगी के साथ बदबू, खड़ंजे से भी मरहूम गलियां चलने लायक नहीं। यहां आश्वासनों की बूंदों से उम्मीदों का घड़ा भरा जा रहा है। पुराना पुल के पास है पुलकोहना मोहल्ला। इसी नाम से गठित वार्ड का एरिया काफी लंबा-चौड़ा है। पुलकोहना का हिस्सा है आम की बाड़ी मोहल्ला। लगभग एक सदी से आबाद आम की बाड़ी से सटी आबादी की ताड़ का बागीचा और ईंट का भट्ठा में रिहाइश है। नाम से जाहिर है, आबादी बसने के पहले यहां कभ...
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