वाराणसी, फरवरी 22 -- वाराणसी। मोहल्ला 59 वर्षों से नगर निगम का हिस्सा है। अब वह बाबतपुर-कचहरी हाइवे से भी जुड़ गया है लेकिन यहां सभी घरों तक सीवर लाइन नहीं पहुंची है। जहां है, वहां वह आबादी के बोझ तले कराह रही है। पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज एवं टूट के कारण घर-घर प्रदूषित जलापूर्ति की शिकायत है। पर्यटन विभाग से धन आवंटित होने के बाद भी न तो चंद्रिका माता मंदिर का जीणोद्धार हुआ, न पास क कुंड का सौंदर्यीकरण। कूड़ा उठता नहीं, सफाईकर्मी सुद्धीपुर मोहल्ले की मेनरोड तक ही सक्रिय रहते हैं। ------------- तरना वार्ड का सुद्धीपुर शहर के पुराने मोहल्लों में एक है। सन-1967 से नगर निगम का हिस्सा है। बढ़ते-बढ़ते यहां की आबादी सात हजार के आसपास हो चुकी है। एक हजार के आसपास मकानों वाले सुद्धीपुर की बदहाली बड़े-बड़े दावों को आईना दिखा रही है। 'हिन्दुस्तान...