वाराणसी, फरवरी 19 -- वाराणसी। सुल्तानपुर (रामनगर) की दलित बस्ती के लोग रोज 'सांसत' में सोते और जगते हैं। उन्हें आस थी कि आज नहीं तो कल यहां के हालात सुधरेंगे। लेकिन वर्षों बीत गए, बदलाव नहीं दिखा है। समस्याओं से निवासी ऊब चुके हैं, समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें, किससे कहें कि समाधान मिल जाए। यहां पोखरी का पानी गंदा हो चुका है, रोड वर्षों से क्षतिग्रस्त है। बाशिंदे आवागमन में परेशानी झेलते रहते हैं। बरसात में यहां घर से निकलते ही पैर गंदे पानी में रखना पड़ता है। --------------- दुर्दशाग्रस्त सुविधाओं से उकताए सुल्तानपुर दलित बस्ती के लोगों ने ' हिन्दुस्तान' से बातचीत में समस्याएं दिखाईं। कहा कि यहां के क्षतिग्रस्त मार्ग पर चलना बड़ी चुनौती है, दिन की रोशनी में लोग किसी तरह से अपनी दिनचर्या पूरी कर लेते हैं, लेकिन रात में बहुत परेशानी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.