वाराणसी, जनवरी 29 -- वाराणसी। बड़े शहरों की कॉलोनियों की जब चर्चाएं सुनाई देती थीं, तब बनारस के पिशाचमोचन मोहल्ले में रमाकांत नगर बसी। पांच दशक से अधिक पुरानी इस कॉलोनी में कई पीढ़ियों ने जीवन बिता दिए। समय के साथ शहर की बढ़ती आबादी का असर रमाकांत नगर पर भी पड़ा। कई तरफ से आवागमन के नाते कॉलोनी की सड़क संपर्क मार्ग बन गई है। इसलिए अक्सर वह क्षतिग्रस्त रहती है। असामाजिक तत्वों का अड्डा और वाहनों की अवैध पार्किंग यहां के नागरिकों की दूसरी प्रमुख समस्याएं हैं जिनसे वे निजात पाना चाहते हैं। रमाकांत नगर बनारस की सबसे पुरानी कॉलोनियों में शामिल है। इस कॉलोनी में लल्लापुरा, पितरकुंडा, पिशाचमोचन, चेतगंज से प्रवेश किया जा सकता है। आवागमन की यह सुविधा असामाजिक तत्वों, नशेड़ियों के लिए भी मुफीद है। पिशाचमोचन तीर्थ से सटी कॉलोनी के निवासियों का आए दि...
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