वाराणसी, मार्च 24 -- वाराणसी। 25 गुणा 40 फुट का यह हॉल घुसते ही आपको एक अलग संसार का आभास देगा। नई-पुरानी किताबों की विशिष्ट खुशबू, दीवार के आगे बुक शेल्फ की एक और दीवार, कतार में लगे टेबल-कुर्सी और डेस्क। किताबों की शक्ल में इस हॉल में ज्ञान तैरता है। यहां युवाओं के विचारों और मेधा की ऊर्जा भी प्रवाहित होती है। यह बनारस का 67 साल पुराना राजकीय पुस्तकालय है। युवा पाठक कहते हैं कि बीते तीन वर्षों में अनेक सुविधाएं बढ़ी हैं मगर सुविधाओं में विस्तार की अभी काफी गुंजाइश है। अर्दली बाजार में एलटी कॉलेज परिसर में सरकारी लाइब्रेरी की 1958 में स्थापना हुई। स्थापना के बाद यह पुस्तकालय वर्षों तक नियमित पाठकों का इंतजार करता रहा। कारण, बनारस में उस दौर में पठन-पाठन का काफी जोर था। लगभग सभी प्रमुख इलाकों और मोहल्लों में पुस्तकालय हुआ करते थे। कार्माइ...
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