वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी। वाराणसी नगर निगम के पुराने वार्डों में भी ऐसे इलाके जुड़े हैं जो पंचायतीराज के जमाने से जरूरी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। नवशहरी बनने के तीन साल बाद भी सुविधाओं के लिए उनका इंतजार बना हुआ है। ऐसे इलाकों में रिंगरोड से जुड़ा सिंहपुर भी है। यहां दो साल पहले एक पोखरा क्या पटा, जैसे समस्याओं का बादल फट पड़ा। मलजल के साथ जलनिकासी का रास्ता बंद हो गया। सारनाथ से सटी सीमा तक ही 'विकास पहुंचा है। बड़ी आबादी सीवर-सफाई, सड़क और पेयजल की समस्याओं से घिरी है। नगर निगम के सारनाथ वार्ड की सीमा परिसीमन के बाद रिंगरोड तक पहुंच गई है। सिंहपुर के रूप में यह सीमा शहर के ईशान यानी उत्तर-पूर्वी कोने को रेखांकित करती है। हालांकि राजस्व रिकार्ड के अनुसार गांव की कुछ जमीन रिंगरोड के पार भी है। नवशहरी बनने के पहले सिंहपुर की आबा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.