वाराणसी, अक्टूबर 5 -- वाराणसी। चार दशक पहले बसी बस्ती से जाति विशेष का मुलम्मा हट चुका है। अब वह सभी वर्ग के लोगों का बड़ा मोहल्ला है। लगभग पांच हजार की आबादी समेटे हजार के आसपास मकानों में छह माह से जलापूर्ति ठप है। क्योंकि, पानी का पाइप ध्वस्त है। पीने लायक पानी की घोर किल्लत है। सीवर लाइन चोक होने की फजीहत विदा लेते मानसून ने भारी जलजमाव के रूप में बढ़ा दी। सफाई, स्ट्रीट लाइट और बिजली से जुड़ी परेशानियां भी बाशिंदों के शहरी होने का गुमान ध्वस्त कर रही हैं। मंडुवाडीह का शिवदासपुर इलाका कभी एशिया के नामी नर्सरी क्षेत्रों में शुमार था। फूलों और फलों के विभिन्न प्रजातियों के पौधे लेने लोग दूर-दूर से आते थे। नर्सरी क्षेत्र में शिवदासपुर का अब दबदबा नहीं रहा। बहरहाल, समय के साथ क्षेत्र में आबादी बढ़ी। इससे इलाके का कई नई कॉलोनियों और बस्तियो...
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