वाराणसी, मई 7 -- वाराणसी। हर नींव में दबी होती है सुकून भरे जीवन की आस। जब नींव पर दीवारें खड़ी होने लगती हैं तो दूसरी बुनियादी सुविधाओं की तमन्ना भी इसी आस में जैसे स्वत: गुंथ जाती है। जब सुविधाएं नहीं मिलतीं तो सुकून के पल को कौन कहे, सामान्य जिंदगी भी दूभर महसूस होने लगती है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के दर्द के साथ लंबे समय से गुजर-बसर कर रहे हैं ककरमत्ता दक्षिणी इलाके के लोग। वे इस भरोसे में जीवन काट रहे हैं कि आज नहीं तो कल, उनकी समस्याओं का समाधान मिलेगा। ककरमत्ता ओवरब्रिज के पास बसे इस मोहल्ले में कुछ बुनियादी सुविधाएं हैं लेकिन वे भी अब नया जीवन, मरम्मत-बदलाव और पुनरोद्धार मांग रही हैं। आबादी 15 हजार से अधिक है। यहां के बाशिंदों की चाह है कि संबंधित विभाग इस मोहल्ले की भी खोज खबर लेता रहे। यह कभी गांव का हिस्सा था लेकिन अब नगर नि...
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