वाराणसी, फरवरी 17 -- वाराणसी। कभी पॉलिटेक्निक का 'चार्म हुआ करता था। तब वहां से टेक्निकल हैंड निकलते थे। वे कॅरियर की ऊंची उड़ान का बेस बनाते थे। इसे ध्यान में रखते हुए बनारस में राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की स्थापना हुई। शुरुआत में उत्साही छात्राएं अब चुनौतियों का सामना कर रही हैं। पुराने कोर्स के आधार पर प्लेसमेंट की संभावना घट गई है। इंटर्नशिप की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज परिसर में खराब सड़क, कॉलेज और हॉस्टल में गंदगी, चिकित्सा सुविधा का अभाव उन्हें अखरता है। प्रदूषित जलापूर्ति, मेस का खाना मजबूरी बन गया है। पॉलिटेक्निक कोर्स में विद्यार्थियों की रुचि पहले की अपेक्षा कम हो रही है। कई ट्रेड हैं जिसमें स्कोप न के बराबर है। विद्यार्थी विकल्प नहीं होने की वजह से मजबूरी में प्रवेश तो ले रहे लेकिन प्लेसमेंट नहीं मिलने से परेशान हैं। इसके अवाला इ...
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