वाराणसी, अप्रैल 10 -- वाराणसी। शहर में ढाई से तीन दशक पहले बसी कई कॉलोनियां हैं जहां नगर निगम की नजरों में नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम हैं। किसी को कोई दिक्कत नहीं है। अफसर अपनी फाइलों में उन कॉलोनियों का मौसम गुलाबी मानते हैं। उन कॉलोनियों में शुमार है वरुणापार क्षेत्र में प्रेमचंद नगर। कॉलोनी के फेज तीन समेत कुछ ब्लॉकों में सड़क-सीवर और सफाई व्यवस्था औंधे मुंह गिरी पड़ी है। अफसरों की मानें तो यहां कोई गंभीर समस्या नहीं है जबकि कॉलोनी के बाशिंदों में समाधान पाने की बेताबी दिखती है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सन्-80 के दशक के उत्तरार्द्ध में शहर में कॉलोनाइजेशन शुरू किया तो पांडेयपुर चौराहे से एक किमी दूर एक कॉलोनी की नींव पड़ी। उसका नामकरण उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद के नाम से किया गया। मुंशीजी का पैतृक गांव लमही पांडेयपु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.