कन्नौज, मार्च 27 -- कन्नौज। हम अपने काम के अलावा सीएचओ और डाटा इंट्री ऑपरेटर तक का भी काम करते हैं। कभी कोई शिकायत लेकर अधिकारियों के पास जाओ तो उनकी सुनी तक नहीं जाती है। सरकारी आवास तक नहीं मिला है। रात में अगर मुख्यालय पर रुकना पड़ जाए तो मुश्किलों भरा होता है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से चर्चा के दौरान महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) की यह पीड़ा फूट पड़ी। सभी ने एकसुर में कहा कि जिस तरह हमारा काम बढ़ा दिया जाता है उसी तरह वेतन भी बढ़ाया जाए। सरकारी आवास की भी सुविधा दिलाई जाए। नवजात शिशु एवं प्रसूता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और सुरक्षित रखने के लिए शासन स्तर से संचालित योजनाओं को जमीन पर क्रियान्वित करने के लिए निरंतर संघर्षशील रहने वाली एएनएम को काम के दौरान तमाम समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। ग्रामीण अंचलों में प्रसूता एवं नवज...
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