भागलपुर, फरवरी 13 -- -प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप शहर की धड़कन कही जाने वाली सिरसा चौक से मेडिकल कॉलेज होते हुए मिरचाईबाड़ी तक जाने वाली सड़क आज खुद सांस लेने को तरस रही है। यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की जीवनरेखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और व्यापार - हर क्षेत्र को जोड़ने वाली यह सड़क अब संकरी देह में बढ़ते शहर का बोझ ढो रही है। सुबह के नौ बजते ही सिरसा चौक से बीएमपी चौक और कचहरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्कूल की यूनिफॉर्म पहने बच्चे, फाइलों का बैग थामे अधिवक्ता, मेडिकल कॉलेज की ओर जाते मरीज और बाजार का रुख करते व्यापारी-सब एक ही रास्ते में फंसे नजर आते हैं। दोपहिया, ई-रिक्शा, ऑटो, चारपहिया और बसों की भीड़ में सड़क की असली चौड़ाई जैसे कहीं खो गई है। दोपहर में अदालत की छु...