भागलपुर, मई 31 -- कटिहार की धरती पर खेती सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि परंपरा और आत्मा से जुड़ी भावना है। लेकिन समय बदल रहा है, अब वही खेती नए युग की ओर करवट ले रही है। मजदूरों की कमी, बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता ने किसानों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे वक्त में तकनीक ने उम्मीद की एक नई किरण दिखाई है। खेतों में अब ड्रोन उड़ते हैं, जो न सिर्फ मेहनत को आसान बनाते हैं, बल्कि कम समय में ज्यादा और बेहतर उपज की राह खोलते हैं। परिश्रम और प्रगति के इस संगम से कटिहार की खेती अब नई उड़ान भरने को तैयार है। संवाद के दौरान किसानों ने अपनी बात रखी। 94 हजार हेक्टेयर में जिले के किसान इस वर्ष धान की खेती कर रहे 18 सौ एकड़ में वर्ष 2024-25 में अब तक ड्रोन कीटनाशक छिड़काव 80 हजार हेक्टेयर में मक्का की खेती की जा रही है, बढ़ा ड्रोन का उपयोग 10 एकड़ तक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.