भागलपुर, सितम्बर 20 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज कटिहार के कॉलेजों की तस्वीर सपनों से बिल्कुल उलट दिखती है। जहां ज्ञान की रोशनी, पढ़ाई का वातावरण और सुकून होना चाहिए, वहां अव्यवस्था, डर और चिंता का माहौल हावी है। हर महीने परीक्षा केंद्र का कोलाहल छात्रों के पढ़ाई के माहौल को बिगाड़ देता है। जर्जर भवनों की हालत, सुरक्षा व्यवस्था का अभाव और प्रशासनिक लापरवाही से छात्र-छात्राओं का मनोबल टूटता है। परिसर में पढ़ाई से अधिक अफरा-तफरी का माहौल नजर आता है। छात्र-छात्राओं के चेहरे से भय और असुरक्षा साफ झलकती है। किताबों के साथ आगे बढ़ने का सपना दबाव और अव्यवस्था की भीड़ में कहीं खोता जा रहा है। पढ़ाई की राह जब अव्यवस्था की दीवार से टकराए, तो भविष्य की मंजिल अधूरी लगती है। कटिहार के कॉलेजों की तस्वीर आज उस सपनों वाली छवि से बिल्कुल अलग है, जो शिक्ष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.