पूर्णिया, दिसम्बर 6 -- प्रस्तुति : ओमप्रकाश अम्बुज/देवाशीष गुप्ता कटिहार जिले के भेरिया रहिका वार्ड नंबर - 2 के 12 घर पिछले 25 वर्षों से जर्जर तारों और झुके पोलों के बीच भय में जी रहे हैं। यहां बिजली मतलब सुविधा नहीं, बल्कि खतरा बन चुकी है। बांस के सहारे टिके तार हर वक्त सिर पर मौत बनकर झूलते हैं। हल्की हवा या बारिश होते ही गांव के लोग घरों में कैद हो जाते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार तार गिरने और चिंगारी उठने की घटनाएं हुईं, लेकिन विभाग बेपरवाह बना रहा। पुराने तार और पोल बदलने की मांग वर्षों से ठंडे बस्ते में है। खेतों से गुजरते नीचे लटके तार खेती और मवेशियों के लिए खतरा बन चुके हैं। ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर मरम्मत जल्द नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। यह सिर्फ बिजली व्यवस्था की नहीं, जनसुरक्षा की लड़ाई है। कटिहार...