भागलपुर, नवम्बर 19 -- -प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज/देवाशीष गुप्ता कटिहार नगर निगम के वार्डों में जर्जर नालों की कहानी सिर्फ गंदे पानी या कीचड़ की नहीं, बल्कि उन लोगों की पीड़ा की है जो रोजमर्रा की कठिन जिंदगी को मजबूरी में ढो रहे हैं। राजहाता की गलियों में नालों से निकला बदबूदार पानी अब लोगों के धैर्य को बहाकर ले जा रहा है। हर बारिश इन गलियों में राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बनकर उतरती है। जहां बच्चे भीगे जूतों में स्कूल जाते हैं, बुजुर्ग फिसलन भरे रास्तों पर कदम जमा नहीं पाते और महिलाएं घर से बाहर निकलने से हिचकती हैं। यह दृश्य केवल गंदगी का नहीं, बल्कि एक लंबे इंतजार का प्रतीक है कि कब इन गलियों को भी राहत मिलेगी। हर बूंद यहां उम्मीदों को डुबो देती है और हर दिन यह याद दिलाता है कि शहर की यह पुकार अब अनसुनी नहीं रहनी चाहिए। कटिहार नगर निगम के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.